मेरे गीतों में जो रवानी है Poem on Incredible India in Hindi

Here is Poem in Hindi on Desh India a lovely Poem 

long poem on india in hindi
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मेरे गीतों में जो रवानी है Poem in Hindi 


मेरे गीतों में जो रवानी है 
उसमे संस्कार खानदानी है,
एकता है यहाँ विविधता में,
देश की हर दिशा सुहानी है ,
लोट कर आ रही है थाने से
बंद क्यों है जबान मत पूछो,
तबाही युद्ध से होने को है फिर ,
निवासी गांव खली कर रहे हैं ,
दरिंदो ने उसे लूटा है दिन में ,
सिपाही राटपाली कर रहे है ,
वृक्ष काटे, जला दिए जंगल ,
आदमी खुद विनाशकारी है 
मजहब का उन्मादी फोड़ा 
भारत का नासूर हो गया ,
लाडला तो सरहदों से लोट कर आया नहीं 
हर सिपाही अब उसे बेटा दिखाई देता है ,
धज्जियां कानून की जिनने उड़ाई है सदा 
आज वो सरपंच बनकर फैसला देने लगे 
माँ को है मालूम बेटा खुनी है 
होता है अफ़सोस छिपाये बैठी है 

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